07 मई, 2013

खूब खाइए मौसमी सब्जियां क्योंकि...


मौसमी सब्जियां ना केवल खनिज तत्वों से भरपूर होती हैं, बल्कि इनमें मौसम की प्रतिकूलताओं से लडने की क्षमता होती है। मौसम के अनुसार सब्जियां शरीर का तापमान बनाये रखती हैं| शरीर की उचित वृद्धि और विकास के लिए कम से कम 10 खनिजों की जरुरत होती है| इनमे से कैल्सियम और फास्फोरस तत्वों की आवश्यकता काफी अधिक पड़ती है और सब्जियों को छोड़कर किसी भी खाद्य पदार्थ में इनकी प्रयाप्त मात्रा नहीं पाई जाती है | इनमे औषधीय गुण भी होते है | संतुलित आहार, पाचन क्रिया की दुरुस्ती तथा स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सब्जियां अति आवश्यक होती है |

हरी सब्जियों की विशेषता-

हरी सब्जियों में जरूरी पोषक तत्वों के होने के कारण यह सेहत को चुस्त -दुरूस्त रखने में लाभकारी है। आयरन की कमी से एनी‍मिया हो सकता है। हरी सब्जियों में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह व्यक्ति को एनीमिया से बचाता है। हरी पत्तेदार सब्जियों में कैल्शियम, बीटा कैरोटिन एवं विटामिन सी भी काफी मात्रा में पाये जाते हैं।

पुदीने में कई सारे लाभकारी तत्व होते हैं। सिरदर्द, माइग्रेन, जुकाम और पेट खराब होने की दिक्कत पुदीने की कुछ पत्तियां चबाने से जल्दी ठीक हो सकती है। 
हरी सब्जियां विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्पलेक्स की कमी को दूर करने में सहायक है। बहुत ज्यादा देर तक पकाई हुई हरी सब्जियों से विटामिन सी नष्ट हो जाता है, इसीलिए उन्हें बहुत देर तक पकाना उचित नहीं।

करेला-सुबह खाली पेट एक छोटा चम्मच कच्चे करेले का जूस लेने से ब्लड शुगर का स्तर तेजी से सामान्य हो जाती है। यह केवल डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए ही प्रभावकारी नहीं हैं। चूंकि यह शरीर पर क्षारीय प्रभाव डालता है, इसलिए षरीर से विषैले तत्वों को भी बाहर निकालता है। करेले में कापर, आयरन और पोटेषियम होता है। इसे खाने का सबसे अच्छा तरीका यह है इन्हें प्रेशर कुकर में स्टीम दिलवाएं और फिर इसमें भरावन भर कर प्याज के साथ भून खाएं। 

खीरा- सलाद में या ऐसे ही खाया जाने वाला खीर भी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है| क्योंकि यह क्षारीय और खनिज तत्वों से भरपूर होता है। इसमें पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होता है, जो हाइ ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। यह अलसर के इलाज में भी सहायक होता है| 

मूली- अगर मूली नहीं खा रहे हैं तो आज से ही खाना शुरू कर दें क्योंकि इसमें विटामिन सी, सोडियम और कैल्शियम उचित मात्रा में होता है| मूली पीलिया या कमजोर लिवर के रोगियों के लिए यह काफी लाभदायक होती है| 

भिंडी- भिन्डी को तो शायद ही कोई हो जो पसंद न करता हो आपको भिन्डी के बारे में यह सेहत का खजाना होती है| भिन्डी में पेक्टोस होने की वजह से यह क्षारीय होती है और जिलेटिन की वजह से एसिडिटी, अपच के शिकार लोगों को ठंडक पहुंचाती है। जिन लोगों को पेशाब से सम्बंधित समस्याएं होती है, उन्हें डॉक्टर खासतौर से भिंडी खाने की हिदायत देते है। 

पुदीना- पोदीने की पत्तियां कच्ची खाने से शरीर की सफाई होती है व ठंडक मिलती है। यह बहुत ही गुणकारी होता है। ताजा पोदीना एंजाइम्स से भरपूर होता है। यह पाचन में सहायता करता है। अनियमित मासिकधर्म की शिकार महिला के शारीरिक चक्र में प्रभावकारी ढंग से संतुलन कायम करता है। यह भूख खोलने का काम करता है। पोदीने की चाय या पोदीने का अर्क लिवर के लिए अच्छा होता है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में बहुत ही उपयोगी डिटॉक्सीफायर का काम करता है। मेंथॉल ऑइल पोदीने का ही अर्क है और दांतो से सम्बंधित समस्याओं को दूर करने में और क्लोरीन होती है। 

मशरूम- चाइनीज काले मशरूम को खाने से टयूमर नहीं होता। यहां मिलने वाले मशरूम भी खनिज तत्वों से भरपूर होते है मशरूम खासतौर से उन लोगों को खाने के लिए दिये जाते हैं, जिनके लिपिड और कोलेस्ट्राल में असंतुलन होता है। 

सीताफल- यह खनिज तत्वों से भरपूर होता है। प्रोस्टेट की बीमारी के इलाज के लिए सीताफल क बीज खाने चाहिए। इसमें आयरन, मैगनीशियम, सेलेनियम और फास्फोरस होता है। जिन लोगों का पेट गरमी और मौसम में गडबडा जाता है, उनके लिए यह बहुत अच्छा है।

बैगंन- बैगंन में पोटेशियम, सल्फर, क्लोरीन, थोडा-बहुत आयरन और विटामिन सी होता है। जो लोग वायु विकार के शिकार होते है, उन्हें बैगन खाने चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार आर्थराइटिस के रोगियों को इस सब्जी के अलावा आलू- टमाटर से परहेज करना चाहिए। बैंगन खाने से कोलेस्ट्राल कम होता है और खट्टी डकारे भी दूर होती है। 

टमाटर- टमाटर विटामिन ए,सी, फोलेट, पोटेशियम, फाइबर ओर दुसरे सभी तरह के सुरक्षात्मक एंटी ऑक्सीडेंट बहुतायत में मिलते है। इसे खाने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है और प्रतिरोधक क्षमता बढती है, जिससे कोल्ड ओर फ्लू नहीं होता। टमाटर प्राकृतिक सनस्क्रीन का भी काम करता है। इसे खाने से धमनियों और दिल के रोग की समस्याएं नहीं होती।

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