07 June, 2021

कोरोनाकाल में आगे आए कुमार अशोक, कुछ इस तरह कर रहे लोगों की मदद

लखनऊ: लखनऊ में तेजी से बढ़ रही संक्रमितों की संख्या के साथ लोगों को बेड, ऑक्सीजन, मेडिकल उपकरण और दवाइयों की जरूरत भी बढ़ती जा रही थी। ऐसे में कई सामाजिक संगठन और राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। लेकिन, इन सबके बीच एक संगठन ऐसा भी था, जो सोशल मीडिया से मिलने वाली प्रतिष्ठा और सम्मान से दूर अदृश्य होकर लोगों की सेवा में जुट गया था और आज भी लगातार सेवा कार्य ही कर रहा है।

कुमार अशोक पांडेय संयोजक, सेवाएं, आपदा एवं राहत विभाग भाजपा उत्तर प्रदेश ने कोरोना महामारी के प्रथम चरण के बाद दूसरे चरण में संक्रमण से जूझ रहे लोगों की सेवा के कार्य को ही अपना उद्देश्य बनाकर दिन रात लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया। बिना किसी दिखावे के कुमार अशोक पांडेय जी की ओर से किए जा रहे इस सेवाकार्य की किसी को भनक तक नहीं लगी और कुमार अशोक पांडेय जी और उनकी टीम ने इस कोरोना महामारी की चैन को देखते हुए हजारों लोगों को जीवनदान देने का कार्य किया।

अप्रैल माह में कोरोना के दूसरे चरण के शुरू होते ही कुमार अशोक पांडेय जी ने लोगों की मदद करने के लिए मोर्चा संभाल लिया था। गंभीर परिस्थितियों को देखते ही लोगों की सहूलियत के लिए हेल्पलाइन बनाया गया। जिसमें उनकी टीम 24X7 जरूरतमंदों को इलाज मुहैया कराती रही। हेल्पलाइन के अलावा कुमार अशोक पांडेय जी ने आपदा प्रबंधन के नाम से कई व्हाट्सअप ग्रुप बनाए, जिनमें 100 से 120 लोगों को जोड़ा गया। इस लिहाज से व्यवस्थाओं को सही करने और लोगों की मदद करने के लिए तकरीबन 7 से अधिक ग्रुप तैयार हुए, जिनमें 500 से ज्यादा लोगों ने एक साथ मोर्चा संभाला। कुमार अशोक पांडेय जी ने बताया कि समूचे उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थान पर यदि किसी मरीज को आवश्यकता पड़ती थी तो उसकी सूचना हेल्पलाइन या व्हाट्सप्प ग्रुप पर में बढ़ा दी जाती थी, फिर जो भी उस समस्या का समाधान करने में सक्षम होता था, वह तत्काल मौके पर पहुंचकर उनकी मदद करता था। इस दौरान कुमार अशोक पांडेय स्वयं, प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कानपुर, इलाहाबाद और बरेली का स्वयं दौरा कर लोगों को भोजन, बेड, ऑक्सीजन, मेडिकल उपकरण और दवाइयों की व्यवस्था की। 

महामारी के दौर में अलग-अलग काम के लिए है NGO हमारे साथ आये। NGO के साथ साथ अपनी टीम को प्लाज्मा, ब्लड, बेड, ऑक्सीजन, मेडिकल उपकरण, भोजन व्यवस्था, अंतिम संस्कार आदि की जिम्मेदारियों सौंपी गई। दवाइयों, ऑक्सीजन, मेडिकल उपकरण व भर्ती का जिम्मा संभाल रहे कुमार अशोक पांडेय जी ने 500 से अधिक लोगों के पास उपचार से संबंधित दवाइयों को पहुंचाने का काम किया। लोगों को पूरे उत्तर प्रदेश में चिकित्साधिकारियों से बात कर जरूरतमंदों को भर्ती कराया गया। इस जनसेवा में कुमार अशोक पांडेय जी दिन रात लगे हुए थे।

इस दौरान एक ऐसा वाक्या लखनऊ में आया जिसे सुनकर शायद आपको भी हैरानी होगी। लखनऊ के चिनहट में एक मरीज जिसे पहले अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा था उसने किसी के द्वारा हमारी हेल्पलाइन पर संपर्क किया। उसको लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में बेड की व्यवस्था की गई लेकिन उसे ले जाने के लिए सरकारी एम्बुलेंस नहीं मिल पायी। तो परिजनों ने मात्र तीन किलोमीटर की दूरी के लिए 15 हजार रुपये उस एम्बुलेंस चालक को देने पड़े। बाद में जब यह बात मुझे पता चली तो मैंने तुरंत NGO से संपर्क किया प्राइवेट एम्बुलेंस के लिए। इस दौरान सुराशी शलगम संस्था ने हाथ बढ़ाया और संस्था की सचिव श्रीमती चेतना पांडेय जी ने दो नई एम्बुलेंस दान में दी। एक एम्बुलेंस लखनऊ के आशियाना के क्षेत्र में और दूसरी जानकीपुरम क्षेत्र में जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क व्यवस्था की गई। इन दोनों एम्बुलेंस चालकों ने बड़ी तत्परता और ईमानदारी के साथ अपनी जान की परवाह न करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। लेकिन लगभग 12 दिन बाद दोनों चालक कोरोना संक्रमित हो गए। जिन्हे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।   


इस दौरान हमारे साथ चार NGO साथ आये, जिसमें सुराशी सलगम संस्था, Helping Hands & Tomatoes, शांतिकुंज हरिद्वार की एक संस्था, अमीनाबाद स्थित कुंवर जीतेन्द्र सिंह जी की संस्था, बमनदेव संस्था और रैनाश किचन शामिल है। हजारों की संख्या में आपदा प्रबंधन के लिए काम कर रही  टीम की ओर से रोजाना 500 से अधिक तीमारदारों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इतना ही नहीं, अस्पताल के बाहर बैठे तीमारदारों के साथ शहर के कई ऐसे स्थान हैं, जहां पर लोग रोजाना कमाकर अपना जीवन व्यापन करते हैं। लखनऊ में कई ऐसी जगहों पर भूखे पेट सो रहे लोगों के लिए टीम की ओर से भोजन के पैकेट तैयार किए जाते हैं, जो देर रात तक गरीब और असहाय लोगों में बांट दिए जाते हैं।


इसके लिए भी बाकायदा व्यवस्था की गई और सभी को जिम्मेदारी सौंपी गई। गोमती नगर विस्तार स्थित मलेशियामऊ, खरगापुर से लेकर गोमतीनगर में शांतिकुंज हरिद्वार की संस्था लोगों को भोजन की व्यवस्था कर रही थी। अमीनाबाद में कुंवर जितेंद्र सिंह जी, ठाकुर गंज से लेकर चौक तक बामनदेव समिति के अध्य्क्ष रामनरेश शुक्ला, रैनाश किचन और सुराशी शलगम संस्था ने लोगों को भोजन की कमी नहीं होने दी। दिन और रात भोजन की व्यवस्था में इन्होने साथ दिया। इस दौरान सम्बंधित थाने और नगर निगम से सहायता के लिए टेलीफोन से बात की गई और नगर निगम व समबन्धित थानों ने इस महामारी में पूरा सहयोग दिया। कई बार रसोई के लिए सिलेंडरों की व्यवस्था भी पुलिस ने करवाई ताकि लोग भूखे न रह सके। नगर आयुक्त से मिलकर अमरनाथ मिश्रा और राजेंद्र अग्रवाल जी ने मेरे निर्देश पर कानपुर में भोजन की व्यवस्था की।


नगर निगम के कर्मचारियों ने न केवल भोजन की व्यवस्था में बल्कि मृतकों के अंतिम संस्कार में भी काफी मदद की। लखनऊ भैंसा कुंड में नगर निगम के कर्मचारी रवि और आजाद जी ने यथासंभव मदद की। जरूरतमंतों को लकड़ियां दिलवाने में भी यथासंभव मदद की। एकदिन सुरेश गुप्ता जी एवं राजेन्द्र सिंह जी के साथ गाड़ी उतरवाने भैसकुंड गए थे। तभी तीन पत्रकारों के तीमारदार आपस में भिड़ गए। कहासुनी चल रही थी पता चला मेयर साहब ने किसी शव को नम्बर जल्दी जलाने को कहा है तभी आपदा राहत विभाग के संयोजक कुमार अशोक जी ने हस्तक्षेप कर तीनो के शवो को एक साथ अंदर रख लेने हेतु रवि और आज़ाद जी को समझाया और मामला शांत हो गया। 


इसके अलावा कुमार अशोक पांडे ने भैंसाकुंड के अलावा गोमती नदी के किनारे कैंट क्षेत्र में दाहग्रह को भी लकड़ी की व्यवस्था कराकर शवो को भैसाकुण्ड से वहाँ भी ले जाने की व्यवस्था करवाई। ताकि लोगों को असुविधा न हो। 


06 April, 2021

स्थापना दिवस विशेष: पारदर्शिता, गुड गवर्नेंस, भाजपा यानि- ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास

 सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं। अपने खून पसीने से सींचकर भाजपा को विशाल वटवृक्ष बनाने वाले सभी महापुरुषों को नमन करता हूं। राष्ट्रवादी विचारधारा, अंत्योदय के सिद्धांत व मोदी जी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भाजपा निरंतर प्रयासरत है। भाजपा समाज के सभी वर्गों को विश्वास में लेकर, राष्ट्र निर्माण के लिए काम कर रही है। हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज एक मजबूत एवं स्वाभिमानी देश के रूप में स्थापित हुआ है'।

1980 में आज ही के दिन भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी। वर्ष 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ की स्थापना हुई थी। शुरूआती वर्षों में जनसंघ का आधार काफी सीमित था। वर्ष 1977 के जेपी आंदोलन के बाद कई दलों को मिलाकर कांग्रेस के विरोध में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी। जनसंघ भी इसमें शामिल थी। सरकार में दो मंत्री बने, अटल बिहारी वाजपेयी को विदेश मंत्रालय मिला और लालकृष्ण आडवाणी को सूचना प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। जल्द ही जनता पार्टी की सरकार में कलह शरू हो गयी। नतीजतन, जनसंघ ने खुद को सरकार से अलग कर लिया। इसके बाद 6 अप्रैल 1980 को जनसंघ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बदल गई।

भारतीय जनता पार्टी, भारतीय जनसंघ की उत्तराधिकारी है। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मौलीचंद्र शर्मा, प्रेमनाथ डोगरा, आचार्य डीपी घोष, पीतांबर दास, ए रामाराव, वच्छ राज व्यास, बलराज मधोक, दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण, के जना कृष्णमुर्ति, एम वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह ने मेहनत कर इसे यहां तक पहुंचाने का काम किया। खासकर नब्बे के दौर में भाजपा को मजबूत करने में वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की अहम भूमिका रही।

बीजेपी इतनी बड़ी राजनीतिक पार्टी यूं ही नहीं बनी है। कई शख्सियतों ने इसे फर्श से अर्श तक पहुंचाया है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने इसे सबसे ज्यादा ऊंचाई प्रदान की है। अब जेपी नड्डा पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष हैं। इन सभी ने न केवल दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का काम किया बल्कि पूर्वोत्तर तक में बीजेपी का झंडा लहरा दिया, जहां सत्ता के लिए कभी बीजेपी के नेता सोचते भी नहीं थे।

गांधी जी कहते थे कि निर्णय और योजनाएं वो हों जो समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाए। गांधी जी की उस मूल भावना को चरितार्थ करने के लिए हमने अथक प्रयास किया है।' उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए हमेशा ये मंत्र रहा है- व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश। ये परंपरा डॉ। श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर आज तक अनवरत चली आ रही है।

अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और देशभक्ति की भावना के कारण भाजपा आज इस मुकाम पर है। पार्टी के कार्यकर्ता देशवासियों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। हमारे विकास कार्यों ने पार्टी को देश के हर वर्ग और हिस्से में लोकप्रिय बनाया है। आज बीजेपी का झंडा ऐसी जगहों पर लहरा रहा है, जिसकी कभी किसी ने कल्पना नहीं की थी। आज नॉर्थ-ईस्ट से लेकर देश के चारों कोनों में भाजपा का परचम लहरा रहा है। देश भर में लोगों ने बीजेपी को गले लगाया है। आज बीजेपी दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है। आज सबसे ज्यादा दलित, पिछड़े, आदिवासी, ग्रामीण तबके के किसान और महिलाएं भाजपा से जुड़ी हुई हैं। बीजेपी युवा भारत की पार्टी है। अगर भारत की राजनीति में किसी दल ने विकास को जन आंदोलन बनाया, तो वो भाजपा है।

पिछले साल कोरोना ने पूरे देश के सामने एक अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया था। तब आप सब अपना सुख-दुख भूलकर देशवासियों की सेवा में लगे रहे। आपने ‘सेवा ही संगठन’ का संकल्प लिया और उसके लिए आप डटे रहे, लगे रहे और लोगों की सेवा करते रहे। जो काम आप गांव-गांव में, शहरों में कर रहे थे, घर-घर पहुंच रहे थे, वैसा ही कुछ काम ‘अंत्योदय’ की प्रेरणा से भाजपा की सरकारें करती रहीं। ‘गरीब कल्याण योजना’ से लेकर ‘वंदे भारत मिशन तक, हमारे सेवा भाव को देश ने महसूस किया है। यही नहीं, इसी संकटकाल में देश ने नए भारत का खाका खींचा और आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया। आज आत्मनिर्भर भारत अभियान गांव-गरीब का, किसान-मजदूर का, दलित-वंचित का, महिलाओं का, युवाओं का, हर किसी का स्वयं का एक प्रकार से अभियान बन गया है।”

हमारी प्यारी भाजपा को 41वें स्थापना दिवस की अनेकों शुभकामनाएं। मैं कामना करता हूं कि भाजपा अपनी एक अलग पहचान बनाए रखते हुए समर्पण भाव से देश और देशवासियों की सेवा करती रहे। 


कुमार अशोक पांडेय


08 January, 2020

CAA और NRC के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों से निपटेगी सरकार: कुमार अशोक पाण्डेय

संतकबीरनगर: नागरिक संसोधन बिल और एनआरसी पर सोशल मीडिया के जरिए तथाकथित राजनैतिक पार्टियों के राजनेताओं द्बारा दुष्प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से निपटेगी उक्त आशय की जानकारी देते हुए अल्पसंख्यक समुदायों को सीएए और एनआरसी के बारे में जागरूक व उसकी अच्छाइयों के बारे मे बताते हुए पठान टोला व मड़या में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता कुमार अशोक पाण्डेय ने कहा कि जो बिल राज्यसभा व लोकसभा व राष्ट्रपति के पटल से प्रस्तावित होकर संवैधानिक रूप ले लिया हो जिसे गृह मंत्रालय, प्रधानमन्त्री व राष्ट्रपति जैसे महामहिम लोग साफ तौर से देश की जनता को बता दिया है कि इस बिल से भारत मे रहने वाले लोग व उनकी नागरिकता पर किसी भी प्रकार का कोई खतरा नही है। बल्कि जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन जैसे लोगो का जिनका उत्पीड़न किया गया है और वह हमारे देश शरणार्थी / विस्थापित रूप से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जिन्हे नागरिकता नही मिल पायी है और तथाकथित राजनेताओ द्बारा सत्ता मे पहुंचने के लिए उनका इस्तेमाल किया गया, जिसे असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई द्बारा ब्रेन चाइल्ड का नाम दिया गया, उनके लिए ये बिल कारगर सिद्ध होते हुए नागरिकता प्रदान करायेगी।

उन्हे उनका अधिकार दिया जायेगा। भारत मे रहने वाले मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से अनुरोध है कि किसी भी राजनेता के भड़काऊ भाषण की तरफ ध्यान न दें। क्योकि ऐसे लोग मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने के लिए किसी भी हद तक अपना निज हित साधते हुए जा सकते हैं। बगैर किसी राजनैतिक पार्टी का नाम लिए भाजपा प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि कुछ ऐसे लोग है जो सोशल मीडिया के जरिये उनका इस्तेमाल करते हुए तरह -तरह की अफवाहें फैला करके देश की अमन व शांति मे खलल पैदा कर रहे है ऐसे लोगो को हमारी सरकार चिन्हित कर रही है और कार्यवाही भी सुनिश्चित करा रही है।

सूचना तंत्र के प्रभावी न होने से आज देश का चौथा स्तम्भ समाज के कटघरे मे खड़ा हो गया है। क्योकि कही न कही इनका भी हरास हुआ है। आज हम सभी लोगो को इस पर विचार करना चाहिए और अपने - अपने दायित्वो का जो भी जिस किसी भी क्षेत्र मे हो बखूबी निर्वहन करना चाहिए। विशेषकर राजनेता और मीडिया के लोग अपनी जगह पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारी समझे और जनता को जागरूक करने का काम करे। विदेशी ताकतें जो सीएए और एनआरसी जैसे संवैधानिक बिल को लेकर सोशल मीडिया के जरिये अफवाहों को फैला रही हैं उन्हें भी हम और हमारी सरकार मुंहतोड़ जवाब देगी। इसके लिए आगामी ग्यारह जनवरी को हमारे लोग सरकार का पक्ष रखते हुए सीएए और एनआरसी के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक करेंगे।

13 September, 2018

आवारा पशुओं का आतंक, चौपट हो रही अन्नदाता की फसल, कुछ तो सोचो सरकार…?

विनीत कुमार वर्मा

हैदरगढ़: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद जब स्लाटर हाउस पर पाबंदी की खबर आई थी। तब लोगों को लगा कि अब रामराज आ जाएगा। लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद इसका दुष्परिणाम भी सामने आ गया। जिसको लेकर अब ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसान खासकर परेशान हैं। जो इन दिनों किसानों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। ये पशु मौजूदा समय में झुण्ड के झुण्ड घुम रहे हैं। और सिर्फ घुम ही नहीं रहे हैं बल्कि किसानों के खेतों में घुस कर उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेरते हुए उनकी खेती चर दे रहे हैं।

जहां आमजन रात के समय घरों में चैन की नींद सोए रहते है, वहीं किसानों को अपनी फसलें बचाने के लिए दिन रात खेतों में पहरेदारी करनी पड़ रही है। दिन-रात जागकर फसलों की रखवाली करने के बावजूद इन किसानों को बेसहारा पशुओं से अपनी फसलें बचाना मुश्किल होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के हैदरगढ़ क्षेत्र के इलियासपुर और कबूलपुर गांव में अब लोग आधी रात को सोते नहीं बल्कि अपने खेतों की पहरेदारी करते हैं। ताकि कोई गाय-सांड उनकी फसलों को नुकसान ना पहुंचा दे। इस इलाके में कई बार ऐसा हुआ है कि रात को गाय-बैल के झुंड ने फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।

दरअसल, इस क्षेत्र में एक-दो-दस-बीस या सौ पचास नहीं इलाके में ऐसे हजारों लावारिस गोवंश का झुंड तैयार हो गया है जिनका कोई मालिक नहीं है ना ही कोई ठिकाना है। इसमें ज्यादातर ऐसे बैल हैं जो खेती किसानी में उपयोगी नहीं रहे, ऐसी गायें भी हैं जो अब दूध नहीं दे सकती, ऐसे में इनके खाने का खर्च किसानों पर बोझ बन गया तो इन्हें लावारिस छोड़ दिया गया। लिहाजा गोवंश का ये झुंड एक गांव से दूसरे गांव खाने की तलाश भटकता रहता है और जहां भी फसल मिलती उस पर टूट पड़ता है।

ये हालात सिर्फ इलियासपुर और कबूलपुर गांव के नहीं है, बल्कि पूरे बाराबंकी जनपद में आवारा मवेशियों का आतंक है। लावारिस गोवंश का ये झुंड रात के वक्त ही खेतों पर धावा बोलता है, लिहाजा किसान रात-रात भर जागकर अपने खेतों में मचान पर चढ़कर पहरा देते हैं। आधे घंटे की चूक भी इनकी महीनों की मेहनत को मिट्टी में मिला सकती है। इसलिए घर के बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक बारी-बारी से इस पहरेदारी में शामिल होते हैं।

हादसों का पर्याय बने आवारा पशु

क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे आवारा पशुओं के कारण हादसों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। गलियों व सड़कों के किनारे घूम रहे आवारा पशु अचानक भागकर सड़कों पर आ जाते है। जिससे दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो जाते है। वहीं बड़े वाहन की चपेट में आने से कई बार पशु भी गंभीर रूप से जख्मी हो जाते है।

01 October, 2017

शनिवार को करें यह उपाय, दूर होगी आर्थिक तंगी और घर में क्लेश


धर्मग्रंथों के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां रोग, दोष या क्लेश नहीं होता वहां हमेशा सुख-समृद्धि का वास होता है। इसीलिए प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा करने का भी विधान है। प्राचीन काल से ही यह परंपरा चली आ रही है कि घर में तुलसी का पौधा होना चाहिए।

शास्त्रों में तुलसी को पूजनीय, पवित्र और देवी स्वरूप माना गया है, इस कारण घर में तुलसी हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। यदि ये बातें ध्यान रखी जाती हैं तो सभी देवी-देवताओं की विशेष कृपा हमारे घर पर बनी रहती है। घर में सकारात्मक और सुखद वातावरण बना रहता है, पैसों की कमी नहीं आती है और परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।

इससे पैसों से सम्बन्धित परेशानियां दूर हो जाती है। इसके इलावा घर के लोगों के बीच हो रहे झगडे, मन मुटाव और क्लेश भी दूर हो जाता है। हर घर में पैसों को लेकर समस्याएं आती ही रहती है। हम चाहे कितना भी कमा ले पर फिर भी पैसो की तंगी कभी पूरी ही नहीं होती। ऐसे में तुलसी का ये उपाय एक रामबाण उपाय है। वैसे इस उपाय को करना बेहद आसान है। साथ ही इस उपाय को करने से इसका असर भी तुरंत दिखता है। इससे पैसों से सम्बन्धित परेशानियां दूर हो जाती है।

इसके इलावा घर के लोगों के बीच हो रहे झगडे, मन मुटाव और क्लेश भी दूर हो जाता है। इसमें पहले उपाय के अनुसार यदि आप शनिवार को आटा पिसवाने जाए तो जाते समय थोड़े से गेहूं में 100 ग्राम काले चने, 11 तुलसी के पत्ते और उसमे दो दाने केसर के मिला ले। अब इस सामग्री को बाकी गेहूं में मिला कर पिसवा ले.। इसके इलावा केवल शनिवार को ही आटा पिसवाएं। इस उपाय को करने के बाद ही आपको तुरंत इसका असर दिखने लगेगा।

इसके इलावा शनिवार को काले कुत्ते को सरसो के तेल से चुपड़ी रोटी खिलाने से भी धन में वृद्धि होती है। साथ ही शनिवार को पीपल के पेड़ में देसी घी का दीपक जलाने से भी मनोकामनाए पूरी होती है।गौरतलब है, कि तुलसी के पौधे पर प्रतिदिन सुबह शाम दीपक जलाने से भी व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती है।

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