10 फ़रवरी, 2014

पेट का ही नहीं खूबसूरती का भी ख़याल रखता है पपीता

पपीता को गुणों की खान कहा गया है। यह आपके पेट का भी ख़याल रखता है और त्वचा की खूबसूरती का भी। यह कई बीमारियों से दूर रखता है जैसे कि पका पपीता पाचन शक्ति को बढ़ाता है, भूख को बढ़ाता, पथरी को गलाता है और मोटापे को दूर करता है। इतना ही नहीं पपीता आपके लिए और भी फायदेमंद है तो आइए जाने पपीता हमारे लिए कितना फायदेमंद हो सकता है| 

पपीते को पेट के लिए तो वरदान माना गया है। इसमें पेप्सिन नामक तत्व पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। पपीता का सेवन रोज करने से पाचन शक्ति में वृद्धि होती है। पका पपीता पाचन शक्ति को बढ़ाता है, भूख को बढ़ाता है, मोटापे को नियंत्रित करता है और अगर आपको खट्टी डकारें आती हैं तो पपीते का रस उसे भी बंद कर देगा। पके या कच्चे पपीते की सब्जी बना कर खाना पेट के लिए लाभकारी होता है।

पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन-ए होता है। इसलिए यह आंखों और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। इससे आंखों की रोशनी तो अच्छी होती ही है, त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है।पपीते में कैल्शियम भी खूब मिलता है। इसलिए यह हड्डियां मजबूत बनाता है। यह प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है। पपीता फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती है। जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।

पपीते का रस अरुचि, अनिद्रा, सिरदर्द, कब्ज व आंव-दस्त आदि रोगों को ठीक करता है। आपको भूख नहीं लगती या पेशाब ठीक से नहीं होता तो सुबह में नियमित रूप से पके पपीते का सेवन करें। इससे भूख भी लगने लगेगी और पेशाब से संबंधित समस्या भी दूर हो जाएगी। पपीते के रस के सेवन से खट्टी डकारें बंद हो जाती है। यह हृदय रोग, आंतों की कमजोरी आदि को भी दूर करता है। पपीते के पत्तों के उपयोग से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है और हृदय की धड़कन ठीक रहती है। यह पौरुष को बढ़ाता है, पागलपन को दूर करता है एवं वात दोषों को नष्ट करता है। पपीते का निरंतर सेवन जख्म भी जल्द भरने में मदद करता है।

पपीते में एंटी कैंसर के गुण पाये जाते हैं| इसमें मौजूद विटामिन सी, बीटा कैरोटीन और विटामिन ई शरीर में कैंसर सेल बनने से रोकते हैं| इसलिए रोज पपीता खाना चाहिए| समय से पहले बूढा होना भला कौन चाहेगा. पपीता इसे रोकता है| इस फल को खाने से हमारा शरीर भोजन से सारे पोषण आराम से ग्रहण कर लेता है, जिससे उसकी जरूरत पूरी हो जाती है| अब अगर शरीर में सारे जरूरी पोषण जाएंगे तो वह सालों साल जवान बना रहेगा|

कच्चे पपीते का दूध त्वचा रोग के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। पपीते का प्रयोग लोग फेस पैक में भी करते हैं। त्वचा को ठंडक पहुंचाने वाला पपीता आंखों के नीचे के काले घेरे को दूर करता है। अगर आप कील-मुंहासों से परेशान हैं तो कच्चे पपीते के गूदे को शहद में मिलाकर चेहरे पर लगाएं और जब वह सूख जाए तो गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। उसके बाद मूंगफली के तेल से हल्के हाथ से चेहरे पर मालिश करें। एक महीने तक नियमित रूप से ऐसा करने से आपको काफी लाभ होगा। पपीता कफ के साथ आने वाले खून को रोकता है और खूनी बवासीर को भी ठीक करता है। हृदय रोगियों के लिए भी पपीता काफी लाभदाक होता है।

पेशाब में जलन की शिकायत है तो कच्चे पपीते की सब्जी या रायता बनाकर खाएं। बवासीर के रोगियों को प्रतिदिन एक पका पपीता खाते रहना चाहिए। बवासीर के मस्सों पर कच्चे पपीते के दूध को लगाने से काफी फायदा होता है। पैरों में छाले होने पर कच्चे पपीते का रस लगाया जाए तो वे शीघ्र ठीक हो जाते हैं। पपीता यकृत तथा लिवर को मजबूती देता है। पीलिया के रोगी को प्रतिदिन एक पका पपीता अवश्य खाना चाहिए। रात्रि भोजन के बाद पपीते का सेवन नियमित रूप से करते रहें। इससे सुबह पेट साफ होता है तथा कब्ज दूर हो जाता है।

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