06 अगस्त, 2015

रुठे इंद्रदेव को मनाने के लिए महिलाओं ने चलाया हल

आसमान से बरस रही आग और उससे तप रही धरती और उस पर खड़ी किसान की फसल बिना पानी के सूख रही है। सावन के महीने की शुरुआत भी हो चुकी है, लेकिन बारिस होने के आसार लोगों को अभी तक नही लग रहे है। इन्द्र को प्रसन्न करने के लिये ग्रामीण क्षेत्र में टोने टोकटा करने का दौर भी जारी है। इसी दौर में हैदरगढ़ क्षेत्र के इलियासपुर गाँव की महिलाओं ने बारिस के लिए खेतों में हल चलाया| 

ऐसी मान्यता है कि महिलाओं के हल चलाने पर इंद्र देवता खुश होते हैं और बारिश होती है। हल चलाने के दौरान महिलाएं ही यहां सबकुछ करती हैं। वह बैल बनकर हल खींचती हैं और हल की मुठिया भी पकड़ती हैं। बाकी महिलाएं हल के पीछे-पीछे गीत के माध्यम से भगवान से बारिश करने की प्रार्थना करती हैं, जिससे किसान खेती कर सकें।

सूखे को लेकर होने वाले इस टोटके की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें पुरुष हिस्सा नहीं लेते हैं। हल को बांधने से लेकर चलाने तक का सारा काम महिलाएं खुद ही करती हैं। इस प्रथा को लेकर बुजुर्ग महिलाएं कहती हैं कि यह काफी पहले से चली आ रही है और गांव वालों की इस प्रथा में गहरी आस्था है। पुरुष किसान भी मानते हैं कि महिलाओं के हल चलाने से इंद्र भगवान खुश होकर अच्छी बारिश करेंगे।

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