07 मई, 2013


खाने में इस्तेमाल होने वाली हरी व सूखी धनिया न केवल आपके खाने को खुशबूदार व जायकेदार बनाती है बल्कि कई बीमारियों से निजात भी दिलाती है| इसमें कई प्रकार के रोगों को दूर करने की क्षमता होती है। धनिया की छोटी-छोटी पत्तियों और बीजों में पोषक तत्वों का खजाना छिपा है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम और विटामिन ए, बी1, बी2 और सी होते हैं।

तो आइये जानें यह किन-किन बीमारियों मददगार हो सकती है धनिया-

आपको बता दें कि आंखों के लिए धनिया बड़ा गुणकारी होती है। अगर आप अपनी आँखों की जलन, दर्द व पानी गिरने जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो थोड़ा सा धनिया कूट कर पानी में उबाल कर ठंडा कर के, मोटे कपड़े से छान कर शीशी में भर लें। इसकी दो बूंद आंखों में टपकाने से यह सभी विकार दूर होते हैं|

धनिया की पत्तियों में एंटी टय़ुमेटिक और एंटी अर्थराइटिस के गुण होते हैं। इसलिए यह सुजन को कम करने में काफी सहायक होते हैं| आयरन से भरपूर होने के कारण यह एनिमिया को दूर करने में मददगार होता है।

गर्भावस्था में भी धनिया आपके लिए रामबाण साबित होती है| गर्भ धारण करने के दो-तीन महीने तक गर्भवती महिला को उल्टियां आती है। ऐसे में धनिया का काढ़ा बना कर एक कप काढ़े में एक चम्मच पिसी मिश्री मिला कर पीने से जी घबराना बंद हो जाएगा|

अगर आप पित्ती की खुजली से परेशान हैं तो हरी धनिया के पत्तों का रस, शहद और रोगन गुल तीनों को मिला कर लेप करने से तुरंत आराम मिलता है।

इतना ही नहीं दस्त लगने पर फ्रेश बटर मिल्क में एक या दो चम्मच ताजे धनिए का रस मिलाकर पीएं। इसके अलावा डायरिया के उपचार में सूखा धनिया कारगर है।

डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के लिए तो यह वरदान है। यह इंसुलिन का स्त्रव बढ़ाता है और रक्त का ग्लूकोज स्तर कम करने में मदद करता है। धनिया की पत्तियां चेहरे पर निखार लाती हैं। इसके रस को हल्दी के पाउडर के साथ मिलाकर लगाने से मुंहासे की समस्या से छुटकारा मिलता है।

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