01 अक्तूबर, 2013

महात्मा गांधी देश के आधिकारिक 'राष्ट्रपिता' नहीं!

देश की बाल आरटीआई कार्यकर्ता ऐश्वर्या पाराशर की सूचना के अधिकार की अर्जियों पर केंद्र सरकार ने यह सूचना दी है कि महात्मा गांधी आधिकारिक रूप से राष्ट्रपिता नहीं हैं और महात्मा गांधी का जन्मदिवस गांधी जयंती राष्ट्रीय पर्व नहीं है। महात्मा गांधी को आधिकारिक रूप से राष्ट्रपिता घोषित करने के सवाल पर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने संविधान के अनुच्छेद 18(1) का हवाला देते हुए कहा है कि महात्मा गांधी को आधिकारिक रूप से राष्ट्रपिता घोषित नहीं किया गया है। गृह मंत्रालय ने ऐश्वर्या की सूचना की अर्जी भारतीय अभिलेखागार को स्थानांतरित कर दी थी। 

भारत सरकार के जवाबों से असंतुष्ट ऐश्वर्या ने पिछले दिनों इन दोनों मामलों में केंद्रीय सूचना आयोग में अपील दायर की थी। केंद्रीय सूचना आयुक्त बसंत सेठ ने अपने जवाब में कहा, "भारत सरकार के पास महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता घोषित करने का कोई अभिलेख नहीं है। पूरे देश द्वारा गांधीजी को आदरपूर्वक राष्ट्रपिता कहा जाता है। यह उपाधि किसी अभिलेख की उपस्थिति या अनुपस्थिति की मोहताज नहीं है।" 

उन्होंने कहा, "हमारे देश के स्वाधीनता संग्राम में उनका सर्वोच्च योगदान हमारी अविवादित गौरवमयी धरोहर है। ऐसे प्रकरणों में अनावश्यक विवाद दुख पहुंचाने वाले हैं और सभी को ऐसे विवाद उठाने से बचना चाहिए। हमें इससे अधिक कुछ नहीं कहना है।" इसी प्रकार केंद्रीय सूचना आयुक्त सुषमा सिंह के पत्रानुसार, भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने संबंधी कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है।

राष्ट्रपिता और राष्ट्रीय पर्वो पर इन नकारात्मक जवाबों से निराश ऐश्वर्या कहती है कि उसे राष्ट्रीय गौरव की जो बातें उनके बड़-बुजुर्गो ने बताई थीं, वे सब एक-एक कर गलत साबित होती जा रही हैं। ऐश्वर्या इस संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी पत्र लिख चुकी है। ऐश्वर्या बताती है कि उसने इस संबंध में सभी सांसदों को ई-मेल भेजकर उनसे राष्ट्रीय गौरव के इन मुद्दों पर कार्यवाही करने का आग्रह करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा से सांसदों के ई-मेल पता की जानकारी मांगी थी, पर उन्हें बताया गया कि कुछ सांसद ही ई-मेल का प्रयोग करते हैं। 

सभी सांसदों के ई-मेल न मिल पाने के कारण और सांसदों को डाक से पत्र भेजने के लिए ऐश्वर्या के पास जमा जेबखर्च के पैसे नाकाफी हैं, इसलिए ऐश्वर्या सांसदों को अपनी इच्छा नहीं बता पाई है। ऐश्वर्या कहती है कि 2 अक्टूबर को न जाने कितने नेता टेलीविजन पर गांधीजी को राष्ट्रपिता कहते और गांधी जयंती को राष्ट्रीय पर्व कहते नजर आएंगे, पर जब यही सम्मान आधिकारिक रूप से देने की बात आती है तो संविधान की दुहाई दी जाती है।

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