30 अक्तूबर, 2013

जदयू के चिंतन शिविर में नमो-नमो!

बिहार के नालंदा जिले स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर में आयोजित जनता दल-युनाइटेड (जदयू) के दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी (नमो) का नाम बार-बार लिया गया।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को रैली के दौरान नमो द्वारा किए गए शाब्दिक प्रहार पर पलटवार किया तो वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने नमो की तारीफ भी कर दी। इस दौरान हालांकि जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं ने शिवानंद के विरोध में नारे लगाए।

शिवानंद ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा, "मोदी ने मेहनत की बदौलत जो मुकाम हासिल किया है, उसकी मैं तारीफ करता हूं। मैं मोदी की विचारधारा का नहीं, बल्कि उनकी मेहनत का कायल हूं। वे एक पिछड़े परिवार में पैदा होकर कड़ी मेहनत कर आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जहां तक मोदी की विचारधारा का प्रश्न है, तो यह हमलोगों के लिए एक चुनौती है।"

शिवानंद यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक ओर जहां मोदी की तारीफ की, वहीं नमो के धुर विरोधी माने जाने वाले अपने ही नेता और बिहार के मुख्यमंत्री का खुला विरोध कर डाला। उन्होंने स्पष्ट कहा, "उनके नेतृत्व में पार्टी के अंदर कोई नया नेता पैदा नहीं हुआ है क्योंकि वे जमीनी नेता नहीं हैं।"

नीतीश भी पार्टी के चिंतन शिविर में नमो पर ही भाषण देते रहे। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों को लेकर नमो की आलोचना की तो कई मुद्दों पर उनकी खिल्ली भी उड़ाई। उन्होंने नमो को 'झूठा कथावाचक' बताते हुए उन्हें नसीहत दी की कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को धैर्यवान होना चाहिए।

नीतीश ने कहा, "प्रधानमंत्री पद पाने के लिए उनमें उतावलापन दिखता है पर देश के सबसे बड़े पद पर बैठने वाले शख्स को ऐसा नहीं होना चाहिए।" नीतीश ने नमो पर पलटवार करते हुए उनके द्वारा रैली के दौरान दिए गए भाषण में कई तथ्यात्मक भूल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तो बिहार का इतिहास ही बदल दिया। उन्होंने रैली के नाम पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि हुंकार का मतलब ही घमंड के साथ जोर से बोलना होता है।

नीतीश ने भाजपा पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गैर कांग्रेसवाद को भाजपा ने गठबंधन तोड़कर कमजोर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर न केवल सांप्रदायिक होने का आरोप लगाया बल्कि नमो के भाषण को फासीवाद का भाषण बताया। उन्होंने कहा कि क्या लोकतंत्र में चुन-चुनकर साफ करने की बात होती है? उल्लेखनीय है कि नमो ने पटना के गांधी मैदान में हुंकार रैली के दौरान नीतीश पर जमकर हमला किया था।
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