30 अक्तूबर, 2013

'संतों पर अत्याचार' को भुनाने का प्रयास, भाजपा ने पल्ला झाड़ा

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैलियों को सफल बनाने के लिए अब एक हिंदूवादी संगठन संतों पर हुए अत्याचार को भुनाने में जुट गया है। बहराइच में कई जगहों पर लगी होर्डिग इस बात की ओर इशारा करती है कि हिंदूवादी संगठन संतों को भुनाने की तैयारी में लगे हुए हैं। इस बीच भाजपा ने इस होर्डिग से अपना पल्ला झाड़ लिया है ।

उप्र में मोदी की रैली 8 नवंबर को बहराइच में होने वाली है। रैली में मात्र कुछ दिन शेष बचे हुए हैं। एक तरफ जहां भाजपा के कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं, वही दूसरी तरफ संस्कृति रक्षक दल नामक संगठन ने सुब्रमण्यम स्वामी को निवेदक दिखाते हुए पूरे शहर में करीब 8 से 10 जगहों पर यह विवादित होर्डिग लगवाई गई है।

होर्डिग में आसाराम बापू को केंद्रित करते हुए धर्म विशेष के संतों को लगातार फर्जी मामलों में फंसाने का आरोप दर्शाया गया है। धर्म विशेष के लोगों की भवानाओं को भड़काने की कोशिश की गई है। इन सभी होर्डिग में कभी जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे और अब भाजपा में शामिल सुब्रमण्यम स्वामी को निवेदक के तौर पर दर्शाया गया है। 

यह होर्डिग शहर में सिद्धनाथ मंदिर, ब्राह्मणीपुरा और खासतौर से हिंदू बहुल मोहल्लों में लगाया गया है। होर्डिग में आसाराम बापू, रामदेव और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सहित कई संतों का चित्र दर्शाया गया है। होर्डिग पर लिखा गया है-'हिंदू संतों का अपमान क्या सहता रहेगा हिंदुस्तान'। 

मोदी की रैली के लिए भाजपा के कार्यकर्ता तैयारी में दिन-रात एक किए हुए हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को रैली में आने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि लोगों को रैली स्थल तक लाने के लिए ही इस होर्डिग को शहर में कई जगहों पर लगवाया गया है।

प्रशासन की ओर से लगातार मोदी की सभास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है। लेकिन शोचनीय बात यह है कि मोदी की रैली को लेकर जहां प्रशासन एक तरफ शख्त है तो वहीं दूसरी तरफ शहरों में विभिन्न जगह लगी विवादित होर्डिग से अनजान है। 

इस समय जनपद बहराइच में जिलाधिकारी द्वारा धारा 144 लागू किया गया है, जिसमें ऐसी विवादित होर्डिग नहीं लगाई जा सकती। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि मोदी की रैली को लेकर एक तरफ प्रशासन जहां पसीना बहा रहा है, वहीं दूसरी ओर विवादित होर्डिग से जिला प्रशासन के आला अधिकारी अंजान क्यों बने हुए हैं।

होर्डिग को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान इस बात से साफतौर पर कहा कि संस्कृति रक्षक दल से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनके बयान को गलत तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि इस होर्डिग से भाजपा का कोई लेनादेना नहीं है। इसे किसी व्यक्तिगत संगठन की ओर से लगाया गया है और इससे भाजपा का कोई लेनादेना नहीं है।

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