18 मई, 2016

आशीर्वाद से बच्चे पैदा करने वाले बाबा परमानंद की बढ़ी मुश्किलें, मुकदमा दर्ज

बाराबंकी: सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में आए देवा कोतवाली क्षेत्र के हर्रई स्थित आश्रम के कथित बाबा परमानंद की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को बाबा से बगावत करने वाले उनके ड्राइवर की तहरीर पर बाबा के खिलाफ फ्रॉड करने, अश्लीलता करने, मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है। उधर, फरार बाबा की तलाश में कई पुलिस टीमें जुटी है। पुलिस को बाबा के आधा दर्जन करीबी शिष्यों के मोबाइल भी बंद मिल रहे हैं।

मंगलवार को बाबा परमानंद के ड्राइवर लखनऊ निवासी सुशील कुमार की तहरीर पर देवा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। ड्राइवर ने तीन दिन पहले ही पुलिस को तहरीर देकर बाबा द्वारा आश्रम में किए जाने वाले कृत्यों का उल्लेख करते हुए तहरीर दी गई थी। तहरीर में ड्राइवर सुशील ने कहा था कि विरोध करने पर बाबा व उसके पुत्र ने उन्हे मारपीट कर आश्रम से भगा दिया था। देवा के कोतवाल जावेद खान की माने तो बाबा पर यह 11वां मुकदमा है।

बाराबंकी जिले में एक साधू के भेष में महिलाओं का यौन शोषण करने वाले भेड़‍िये का एमएमएस वायरल हो रहा है। स्वंयभू बाबा यह निःसंतान महिलाओं को अपना शिकार बनता था। संतान सुख के नाम पर वह महिलाओं को झांसे में लेकर उनसे शारीरिक संबंध बनाता था। इस दौरान वह महिलाओं का अश्लील वीडियो भी बना लेता था और फिर शुरू हो जाता था महिलाओं को ब्लैकमेल करने का सिलसिला। बाराबंकी के देवा कोतवाली क्षेत्र में मां काली हरई धाम के नाम से राम शंकर तिवारी उर्फ परमानन्द बाबा का आश्रम है।

बाबा महिला भक्तों से घिरे रहते हैं। हाल ही में महिलाओं के साथ अश्‍लील हरकतें करते हुए बाबा का कथित एमएमएस सोशल मीडिया में वायरल हो गया। वह महिलाओं को झांसा देकर उनके साथ अश्लील हरकतें करता और इसी दौरान अंतरंग लम्हों की वीडियो क्लिप भी बनाता था। बाद में वह पीड़ित धनी महिलाओं को ब्लैकमेल करके मोटी रकम वसूल करता था। इस वजह से बाबा की संपत्ति और रुतबा बढ़ता गया। इसका खुलासा तब हुआ जब बाबा का कंप्यूटर खराब हो गया। उसने कंप्यूटर ठीक करवाने के लिए भेजा, तब उसमें सेव किए गए वीडियो सामने आए।

दरअसल, कथित बाबा तंत्र-मंत्र के सहारे नि: संतान महिलाओं को पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर उनका यौन शोषण करता था। जिस कमरे में सब होता था वहां लगे कैमरा से महिलाओं की अश्लील वीडियो बना लिए जाते थे। बताया जा रहा है कि इस बाबा के भक्तों में बड़े-बड़े अधिकारी भी शामिल थे। देवा निवासी गिरीश तिवारी ने आरोप लगाया कि बाबा के साथ कुछ पुलिस वाले भी मिले हुए थे। यही वजह थी कि पुलिस ने वहां कभी रेड नहीं की। अगर कोई पुलिस वाला कार्रवाई करता था, तो बाबा उसका ट्रांसफर करा देता था। एमएमएस वायरल होने के बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा।

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