05 जुलाई, 2013

जंगली कबूतर नहीं भूलते किसी की शक्ल को

एक अध्यन के मुताबिक ये सामने आया है कि जंगली, अप्रशिक्षित कबूतर लोगों का चेहरा कभी नहीं भूलते और न ही उन्हें किसी तरह से मूर्ख बनाया जा सकता है। वे नए क्षेत्रों में भी बिना किसी चूक के तेजी से उड़ान भरते हैं। प्रशिक्षित नहीं होने के बावजूद वे लोगों को पहचानने में किसी तरह की चूक नहीं करते।

शोध के मुताबिक पेरिस के एक पार्क में लगभग समान कद-काठी और सामान्य रंगत वाली दो शोधकर्ताओं को प्रयोगशाला का अलग-अलग रंग का कोट पहनाकर कबूतरों को दाना डाला। उनमें से एक ने कबूतरों पर ज्यादा ध्यान ना देते हुए उन्हें दाना चुगने दिया, जबकि दूसरी ने शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाते हुए उन्हें खदेड़ दिया।

इस प्रयोग को कई बार दोहराया गया। इससे जो परिणाम सामने आया, उसके मुताबिक कबूतरों ने उन्हें खदड़ने वाले व्यक्ति की लगातार उपेक्षा की, भले उन्होंने एक बार ही ऐसा किया हो। प्रयोशाला का कोट बदलकर भी उन्हें नहीं भरमाया जा सका। यूनीवर्सिटी ऑफ पेरिस में हुए शोध के अनुसार, दोनों शोधकर्ताओं के महिला और समान उम्र, कद-काठी तथा रंगत की होने के बावजूद कबूतरों ने उन्हें उनके चेहरे से पहचाना

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

nice

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