03 सितंबर, 2013

भगवान शिव का स्वरुप है एकमुखी रुद्राक्ष

शास्त्रों के अनुसार एकमुखी रुद्राक्ष साक्षात रुद्र स्वरूप है। इसे परम्ब्रम्ह माना जाता है। एकमुखी रुद्राक्ष सत्य, चैतन्यस्वरूप परब्रह्म का प्रतीक है। साक्षात शिव स्वरूप ही है। इसे धारण करने से जीवन में किसी भी वस्तु का अभाव नहीं रहता। लक्ष्मी उसके घर में चिरस्थायी बनी रहती है। चित्त में प्रसन्नता, अनायास धनप्राप्ति, रोगमुक्ति तथा व्यक्तित्व में निखार और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। एक मुखी रूद्राक्ष गोलाकार रूप में तथा काजू दाना रूप वाला भी होता है| गोलाकार रूपी रुद्राक्ष मिलना दुर्लभ होता है| एक मुखी श्वेत रुद्राक्ष बेहद उत्तम माना जाता है|

एकमुखी रूद्राक्ष के लाभ-

ज्योतिषियों के अनुसार, एक मुखी रूद्राक्ष में भगवान शिव विराजमान रहते है| इसे धारण करके मनुष्य भगवान शंकर की कृपा को प्राप्त करता है| जहाँ यह होता है वहां लक्ष्मी का वास होता है| सबसे बड़ी बात यह है की एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से अकाल मृत्यु का भय काम रहता है| एकमुखी रुद्राक्ष धारण करने से नेत्रों की रोशनी बढ़ जाती है| सिरदर्द , हृदय रोग , नजर दोष ,उदर संबंधी रोग जैसी अनेक व्याधियों से छुटकारा मिलता है| इसके अलावा स्नायु रोग ,अतिसार से संबंधित रोगों को दूर करने में एक मुखी रुद्राक्ष लाभदायक होता है|

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