27 अप्रैल, 2016

पांच साल की बेटी को गोमती में डुबोकर मार डाला

लखनऊ: अवैध संबंधों के शक में पत्नी से झगड़कर राजमिस्त्री पांच साल की मासूम शिवानी को लेकर दिल्ली से निकल पड़ा। ट्रेन पर सवार पिता बच्ची को लेकर लखनऊ स्टेशन पर उतरा और फिर पैदल चल दिया। जेब में दस का फटा नोट और भूख से बिलखती बच्ची। झल्लाकर वह बच्ची को नहाने के बहाने स्मृति वाटिका के नीचे गोमती नदी में ले गया और डूबो दिया। दरिंदगी देख वहां मौजूद लोग दौड़े और आरोपित को पकड़ने के साथ ही बच्ची को नदी से निकालकर अस्पताल भेजा, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित लोगों ने हैवान पिता को पीटने के बाद महानगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस को आरोपित के पास एक बैग मिला, जिसमें उनके कपड़े व मोबाइल था। पुलिस ने मोबाइल से परिजनों को सूचना दे दी है।

मूल रूप से बिहार के मुज्जफरपुर खरकपुर बिरारी निवासी विनोद उर्फ वकील साहनी का बेटा बिरजू राजमिस्त्री है। बिरजू ने करीब सात साल पहले सासाराम की रहने वाली शालू गुप्ता से प्रेम विवाह किया था। उनकी पांच साल की बेटी शिवानी व डेढ़ साल की मुस्कान है। बिरजू परिवार के साथ दिल्ली के तम्बाकू फैक्ट्री स्वतंत्र नगर में कई साल से रह रहा था। बिरजू को शालू के चाल-चलन पर शक था। इसको लेकर उनके बीच आये दिन झगड़े होते थे। इंस्पेक्टर महानगर पी.के.झा ने बताया कि रविवार को बिरजू काम से लौटा तो उसने शालू को मोबाइल पर किसी से बात करते देख लिया। इस पर उनके बीच विवाद हुआ और बिरजू ने उसकी पिटाई कर दी। यह देख परिवारवालों ने बिरजू को जमकर कोसा और फटकार लगायी। सोमवार शाम बिरजू ने बैग में अपने व शिवानी के कपड़े रखे और उसे लेकर घर से निकल गया।

दिल्ली से वह ट्रेन पर सवार हुआ। मंगलवार सुबह वह चारबाग स्टेशन पर उतरा और शिवानी को लेकर बाहर आ गया। शिवानी भूख से रोने लगी तो बिरजू ने जेब में हाथ डाला। जेब में दस का फटा नोट मिला, जिसे चलाने का उसने भरसक प्रयास किया लेकिन नोट की खराब हालत देख किसी ने भी लेने से मना कर दिया। पैदल भटकता-भटकता बिरजू उसे लेकर निशातगंज आ पहुंचा। गर्मी व भूख से बिलख रही शिवानी को देख बिरजू ने चुप कराने की कोशिश की लेकिन वह संभाल नहीं सका। करीब साढ़े ग्यारह बजे स्मृति वाटिका के पास मंदिर के बगल में सीढ़ियां देख वह उसे लेकर नीचे पहुंचा। इस दौरान निशातगंज के पेपरमिल कालोनी निवासी रिजवान व न्यू हैदरबाद निवासी कल्लू गोमती नदी में नहा रहे थे। इस बीच बिरजू शिवानी को लेकर नदी में उतरा लेकिन और लोगों को देख वह बच्ची को नहलाने का दिखावा करने लगा। जैसे ही वहां सन्नाटा हुआ। बिरजू शिवानी को खीचकर गहरे पानी में ले गया और डूबोने लगा। बच्ची की छटपटाहट व चीख सुनकर कल्लू व रिजवान मदद के लिए दौड़े। दोनों ने बिरजू को धक्का मारा और शिवानी को बाहर निकाला।

बिरजू ने हमले की कोशिश की तो उन लोगों ने उसे जमकर पीटा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आनन-फानन में पुलिस ने बच्ची को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को आरोपित बिरजू के पास एक बैग मिला। बैग में कपड़े व मोबाइल था। पुलिस ने मोबाइल के जरिये आरोपित बिरजू के पिता विनोद व साले प्रमोद गुप्त को फोन किया और सारी बात बतायी। पुलिस के मुताबिक घरवाले लखनऊ के लिए रवाना हो गये हैं। इंस्पेक्टर महानगर ने बताया कि आरोपित बिरजू अपने को पागल साबित करने का ढोंग करता रहा। पूछताछ के दौरान बिरजू खामोश बैठा था। उसे पुलिस की बात समझ नहीं आ रही थी। पुलिसकर्मी थप्पड़ मारता और पूछता, लेकिन वह भाषा बूझ नहीं पाता। आखिरकार इंस्पेक्टर को उसकी भाषा समझ आयी और फिर मैथिली भाषा में आरोपित के बयान लिये। उन्होंने बताया कि आरोपित के बैग में एक पत्र मिला। बिरजू ने यह पत्र बहन पिंकी के प्रेमी के खिलाफ लिखा था। उसने कहा कि बहन उसकी बदनामी करा रही है। मैं उसे भी मार डालूंगा। इंस्पेक्टर ने बच्ची की जान बचाने का प्रयास करने वाले व आरोपित को पकड़ने वाले रिजवान व कल्लू को पांच-पांच सौ रुपये का इनाम दिया।

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