25 अप्रैल, 2016

आम तोड़ने को लेकर मासूम की दरिदों ने कर दी गला दबाकर हत्या


गोसाईंगंज। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोसाईंगंज थानाक्षेत्र में एक मासूम की दरिदों ने गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को उसके ही मकान के पास एक किसान के चरी के खेत में फेंक कर फरार हो गए। सुबह चरी काटने पहुंचे किसान ने शव देखा, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में मृतक के पिता ने अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों पर आम तोड़ने को लेकर हत्या करने का आरोप लगाया है। तहरीर मिलने पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक गोसाईगंज के सठवारा गांव निवासी राम उजागर द्विवेदी खेती करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे है। उनके दस वर्षीय बेटे सत्यम द्विवेदी का शव गांव के ही किसान मल्हू के चरी के खेत में पड़ा मिला। मल्हू सुबह अपने जानवरों को चारा देने के लिए चरी काटने खेत गया था। उसी दौरान उसने खेत में शव देखा, इसकी सूचना तत्काल गांव के लोगों को दी। जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते ग्रामीणों का हुजूम लग गया। ग्राम प्रधान शत्रोहन द्वारा घटना की सूचना गोसाईंगंज पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक छात्र शिवलर गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा चौथी में पढ़ता था। मृतक के छात्र के पिता राम उजागर द्विवेदी ने अपने परिवार के ही तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पीड़ित का कहना है कि आम तोड़ने को लेकर परिवार के ही रिंकू, सुधीर व लवकेश ने गला दबाकर उसकी हत्या की है। पीड़ित के अनुसार उसके बेटे सत्यम को आरोपियों ने शनिवार को आम तोड़ने को लेकर पीटा था। जिसके बाद उन्होंने ही उसकी हत्या की है। वह गांव में सम्पन्न होने वाले एक शादी समारोह कार्यक्रम में गया था। जिसके बाद वापस नहीं लौटा। सुबह उसका शव घर के पास में चरी के खेत में पाया गया। वहीं गोसाईगंज के शिवलर गांव स्थित एक निजी विद्यालय में सत्यम कक्षा चौथी का छात्र था। वह जितना शैतानी करता था, उतना ही वह पढ़ाई में भी अव्वल था। मृतक के पिता बताते हैं कि उसकी शैतानी से लोग यहां खुश होते थे। वही आरोपियों को चुभती थी। जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई।

मृतक के पिता राम उजागर अपनी पत्नी अर्चना के साथ अपनी बहन के यहां बाराबंकी में आयोजित शादी समारोह कार्यक्रम शरीक होने गए थे। घर पर मृतक की बड़ी बहन मंदाकिनी तथा छोटा भाई शिवम थे। सठवारा गांव में आयोजित लक्ष्मण के घर शादी समारोह में सत्यम गया था। जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। बहन ने काफी खोजबीन के बाद इसकी सूचना अपने पिता को दी। जिसके बाद रात में ही वह बाराबंकी से घर लौट आए। रात में काफी खोजने का प्रयास किया लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। सुबह उसका शव घर से कुछ दूरी पर चरी के खेत में मिला।

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